मजेदार कहानी
लकड़ी का ऑटो रिक्शा ( short story in hindi with moral ) माधव एक छोटे से गांव में रहता था माधव की एक बीवी और एक बेटी थी लेकिन माधव के पास कोई नौकरी नही थी। एक दिन सुबह माधव की बीवी ने माधव से कहा की ऐसा कब तक चलेगा अब हमारी बेटी बड़ी हो गई है तुम्हे कोई न कोई काम धंधा तो देखना ही पड़ेगा इस पर माधव बड़े ही गुस्से से कहेता है की" क्या मुझे घर पर रहने का शौक है अब मुझे कही काम ही नहीं मिल रहा है तो मैं क्या करू। दूसरे दिन माधव काम ढूंढने के लिए बाहर जाता है पूरा दिन काम ढूंढने के बाद बेचारे माधव को कोई भी काम नहीं मिलता फिर वो उदास हो कर वापस अपने घर लौट जाता है। माधव की बेटी उससे खेती है " पापा क्या तुम्हे आज भी कोई काम भाई मिला " इस पर माधव कहेता है हा बेटी मुझे आज भी कोई काम नहीं मिला । इस पर उसकी बेटी कहती है " क्यों ना तुम हमारे पास के वन विभाग में नौकरी मांगने जाओ शायद वहा उन्हें किसी काम के लिए आदमी की ज़रूरत हो इस पर माधव अपनी बेटी से कहेता है ठीक है मैं कल वन विभाग में काम मांगने के लिए जाऊंगा। ( आप पढ़ रहे है कहानियां अच्छी अच्छी ) दूसरे दिन माधव वन विभाग में ...